एमएसएमई लोन

माइक्रो, स्मॉल, और मीडियम एंटरप्राइज अपने कारोबार को बढ़ाने या नया उद्यम शुरू करने के लिए एमएसएमई लोन का लाभ उठा सकते हैं। एमएसएमई लोन का इंटरेस्ट रेट, 7.95% और 16.25% के बीच होता है। इस लोन की एक मैक्सिमल लोन अमाउंट लिमिट है। इसके तहत अधिक-से-अधिक 500 करोड़ रुपये का लोन लिया जा सकता है। लेकिन, कुछ बैंकों में ऐसी कोई लिमिट नहीं रहती है। एमएसएमई लोन का रीपेमेंट पीरियड, 15 साल तक का हो सकता है।

एमएसएमई लोन के योग्यता सम्बन्धी मानदंड

एमएसएमई लोन पाने के लिए उधारकर्ता को उधारदाता द्वारा तय किए गए योग्यता सम्बन्धी मानदंडों को पूरा करना पड़ता है। अलग-अलग बैंक में और अलग-अलग स्कीम के आधार पर ये मानदंड अलग-अलग होते हैं। लेकिन आपकी सुविधा के लिए नीचे कुछ सामान्य मानदंड बताए गए हैं:

  • आपका कारोबार, मैनुफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर से जुड़ा होना चाहिए।
  • माइक्रो, स्मॉल, और मीडियम एंटरप्राइज के लिए इन्वेस्टमेंट लिमिट, ऊपर बताए गए सेक्टर के आधार पर अलग-अलग होता है।
  • मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के लिए:
    • माइक्रो - 25 लाख रुपये से कम
    • स्मॉल - 25 लाख रुपये से अधिक और 5 करोड़ रुपये से कम
    • मीडियम - 5 करोड़ रुपये से अधिक और 10 करोड़ रुपये से कम
  • सर्विस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के लिए:
    • माइक्रो - 10 लाख रुपये से कम
    • स्मॉल - 10 लाख रुपये से अधिक और 2 करोड़ रुपये से कम
    • मीडियम - 2 करोड़ रुपये से अधिक और 5 करोड़ रुपये से कम

एमएसएमई लोन के लिए आवेदन करने का तरीका क्या है?

 एमएसएमई लोन के लिए आवेदन करने के दो तरीके हैं।  यदि उधारदाता की कोई वेबसाइट है तो आप उस वेबसाइट में जाकर आवश्यक विवरणों के साथ फॉर्म भरकर सबमिट कर सकते हैं।  इसके अलावा, आप नजदीकी ब्रांच में जाकर आवेदन फॉर्म ले सकते हैं।  आप उन्हें कॉल करके पूछ सकते हैं कि कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।

एक एमएसएमई लोन के लिए आवेदन करते समय आवेदन फॉर्म में निम्नलिखित जानकारी शामिल करने के लिए कहा जा सकता है :

  • आवेदन की तारीख
  • एंटरप्राइज या उद्यम का नाम
  • रजिस्टर्ड ऑफिस का पता
  • फैक्टरी या दुकान का पता
  • क्या एंटरप्राइज, एससी/ एसटी/ ओबीसी/ अल्पसंख्या समुदाय से सम्बन्ध रखता है
  • टेलीफोन नंबर
  • ईमेल एड्रेस
  • मोबाइल नंबर
  • पैन कार्ड नंबर
  • बनावट (प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप फर्म, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, लिमिटेड कंपनी, कोऑपरेटिव सोसाइटी)
  • स्थापना की तारीख
  • राज्य जहाँ कारोबार स्थित है
  • ब्रांच जहाँ कारोबार स्थित है
  • प्रोप्राइटरों या पार्टनरों या डायरेक्टरों का नाम और उनकी उम्र, शैक्षिक योग्यता, पता, टेलीफोन नंबर, और अनुभव
  • मौजूदा कार्य
  • संबंधित एसोसिएट का नाम और एसोसिएशन की प्रकृति
  • मौजूदा क्रेडिट सुविधाओं का उल्लेख करें, यदि कोई हो
  • प्रस्तावित क्रेडिट सुविधाओं को सूचीबद्ध करें
  • यदि टर्म लोन की जरूरत है तो मशीनरी का विवरण देना जरूरी है। इसमें मशीन के प्रकार का विवरण, मशीन का उद्देश्य, क्या उसे इम्पोर्ट करके मंगाया गया है, सप्लायर का नाम, मशीन की लागत, प्रमोटर द्वारा लगाया गया पैसा, और आवश्यक लोन अमाउंट सम्बन्धी विवरण होना चाहिए।
  • प्रोजेक्ट की लागत का विवरण जिसमें जमीन का डेवलपमेंट, बिल्डिंग का निर्माण, प्लांट और मशीनरी की खरीद, गाड़ियों की खरीद, अन्य सामानों की खरीद, इमरजेंसी फंड, हॉलिडे पीरियड के दौरान इंटरेस्ट, और वर्किंग कैपिटल मार्जिन जैसे विवरण भी शामिल होने चाहिए।
  • प्रोजेक्ट को फाइनेंस करने का माध्यम, जिसमें मालिक का लगा पैसा, अनसिक्योर्ड लोन, सब्सिडी, और टर्म लोन जैसे विवरण भी शामिल होने चाहिए।
  • यदि कोई जमानत और कोई थर्ड पार्टी गारंटी दी गई है तो उन सबका विवरण।
  • वैधानिक दायित्व स्थिति का जिक्र करना होगा। वैधानिक दायित्वों में शामिल है - दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन, एसएसआई के तहत रजिस्ट्रेशन (प्रोविजनल और फाइनल), ड्रग लाइसेंस, सबसे हाल ही में फ़ाइल किया गया सेल्स टैक्स रिटर्न, सबसे हाल की इनकम टैक्स रिटर्न की फाइलें, और कोई अन्य वैधानिक बकाया रकम जो अभी भी देना बाकी है

एमएसएमई लोन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. कौन - कौन से एंटरप्राइज या उद्यम , एमएसएमई की श्रेणी में आते हैं ?

    भारत सरकार द्वारा लागू किए गए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (MSMED) अधिनियम, 2006 के अनुसार, माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (MSME) को दो श्रेणी में रखा गया है - मैनुफैक्चरिंग और सर्विस एंटरप्राइज।  इसके आधार पर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज को निम्नानुसार परिभाषित किया गया है:

  2. क्या एमएसएमई उधारकर्ताओं के पास एक क्रेडिट रेटिंग होना जरूरी है ?

    ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है कि एमएसएमई उधारकर्ताओं के पास एक क्रेडिट रेटिंग होना चाहिए, लेकिन फिर भी इसे करा लेने से क्रेडिट प्राइसिंग में मदद मिलेगी जिससे उन्हें बेहतर इंटरेस्ट रेट, कम प्रोसेसिंग चार्ज, इत्यादि का लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।

  3. क्या बिना जमानत के एमएसएमई लोन मिल सकता है ?

    आरबीआई के दिशानिर्देशानुसार, बैंकों को बिना जमानत के 10 लाख रुपये तक का एमएसएमई लोन देने का आदेश दिया गया है।  कभी-कभी, एमएसएमई यूनिटों के फाइनेंशियल पोजीशन और ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर, बैंक इस लिमिट को 25 लाख रुपये तक बढ़ा सकते हैं।

  4. समय पर एमएसएमई लोन का पेमेंट न करने पर क्या होता है ?

    यदि खरीदार, सप्लायर को पेमेंट करने में असमर्थ है तो उसे तय दिन से या तय दिन को बाकी अमाउंट पर आरबीआई के नोटिफिकेशन के आधार पर बैंक रेट से 3 गुना दर से सप्लायर को कम्पाउंड इंटरेस्ट के साथ बाकी मंथली अमाउंट का पेमेंट करना होगा।

  5. क्या एमएसएमई लोन के इंटरेस्ट रेट के सम्बन्ध में आरबीआई द्वारा कोई दिशानिर्देश दिया गया है ?

    हाँ, आरबीआई ने लेंडिंग रेट्स में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी बैंकों को सिर्फ बेस रेट के आधार पर एमएसएमई लोन का इंटरेस्ट रेट तय करने की सलाह दी है।

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